PM Kaushal Vikas Yojana: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से बेरोजगार युवाओ को मिल रहे 8000 रूपए महिना
- यदि आप एक बेरोजगार युवा है और PM कौशल विकास योजना (PM Kaushal Vikas Yojana Registration) योजना का लाभ देना चाहते हैं तो, हमारे द्वारा बताई गई, इस योजना में आप आसानी से आवेदन कर सकते हैं और इस योजना का लाभ ले सकते हैं. हम आपको इसमें आवेदन करने के तरीके और इसकी पत्रताओं के बारे में बताने वाले है।
- PM कौशल विकास योजना (PM Kaushal Vikas Yojana) इस समय देश के उन युवाओं के लिए शुरू की गई है जो बेरोजगार है, उनके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा इस योजना को शुरू किया गया है. वहीं इसका संचालन केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है. यह योजना एक विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा संचालित हो रही है, जिसके तहत बेरोजगार युवाओं को मुफ्त में ट्रेनिंग प्रदान की जाती है और उन्हें अलग-अलग ट्रेनिंग कोर्स दिए जा रहे हैं, ताकि वह कौशल हासिल कर अपने आजीविका को सुरक्षित कर सके.
- इस योजना के माध्यम से लगभग 40 अलग-अलग क्षेत्र में सरकार द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, वहीं युवाओं को घर बैठे ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके लिए सभी युवा स्किल इंडिया डिजिटल पर प्रैक्टिकल कोर्स कर सकेंगे, जहां परिवार को प्रति महीने ₹8000 भी प्रदान किए जाने वाले हैं.

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना क्या है?
- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख स्किल डेवलपमेंट योजना है। इसे युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित करने के लिए शुरू किया गया है। इस योजना के अंतर्गत युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में मुफ्त ट्रेनिंग दी जाती है ताकि वे नौकरी प्राप्त कर सकें या अपना खुद का रोजगार शुरू कर सकें।
- इस योजना का संचालन राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) द्वारा किया जाता है। योजना का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं को तकनीकी और व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है।
योजना का मुख्य उद्देश्य
- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का उद्देश्य केवल ट्रेनिंग देना नहीं बल्कि युवाओं को रोजगार योग्य बनाना है। इसके प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं:
- बेरोजगार युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना
- युवाओं को मुफ्त स्किल ट्रेनिंग देना
- उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षण उपलब्ध कराना
- युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना
- ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं को अवसर देना
- युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना
योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के कई बड़े फायदे हैं:
1. मुफ्त प्रशिक्षण
युवाओं को किसी भी प्रकार की फीस नहीं देनी होती। पूरा प्रशिक्षण सरकार द्वारा कराया जाता है।
2. प्रमाण पत्र
कोर्स पूरा होने के बाद सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्र दिया जाता है।
3. नौकरी के अवसर
ट्रेनिंग पूरी करने के बाद कई कंपनियों में नौकरी पाने का मौका मिलता है।
4. आर्थिक सहायता
कुछ कोर्स में प्रशिक्षण के दौरान आर्थिक सहायता भी दी जाती है।
5. स्वरोजगार का अवसर
युवा खुद का बिजनेस शुरू कर सकते हैं।
6. डिजिटल स्किल्स
आज के समय की जरूरत के अनुसार कंप्यूटर और डिजिटल ट्रेनिंग भी दी जाती है।
किन युवाओं को जरूर करना चाहिए आवेदन?
- यदि आप:
- बेरोजगार हैं
- नौकरी की तलाश में हैं
- नया कौशल सीखना चाहते हैं
- कम पढ़े-लिखे हैं
- खुद का रोजगार शुरू करना चाहते हैं
तो आपको इस योजना में जरूर आवेदन करना चाहिए।
महिलाओं के लिए भी लाभकारी योजना
- यह योजना महिलाओं के लिए भी काफी उपयोगी है। महिलाएं सिलाई, ब्यूटी पार्लर, फैशन डिजाइनिंग, कंप्यूटर ट्रेनिंग जैसे कोर्स करके घर बैठे रोजगार शुरू कर सकती हैं।
- कई महिलाएं इस योजना के माध्यम से अपना छोटा बिजनेस शुरू कर चुकी हैं और अच्छी कमाई कर रही हैं।
योजना से युवाओं को कैसे फायदा हो रहा है?
- आज लाखों युवा PMKVY के माध्यम से प्रशिक्षण लेकर नौकरी प्राप्त कर चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को भी इस योजना से काफी मदद मिल रही है।
- युवाओं को मिलने वाले प्रमुख फायदे
- नौकरी मिलने की संभावना बढ़ती है
- आत्मविश्वास बढ़ता है
- तकनीकी ज्ञान प्राप्त होता है
- विदेशों में भी रोजगार के अवसर मिल सकते हैं
- आर्थिक स्थिति मजबूत होती है
आवेदन कैसे करें
- PMKVY के लिए आवेदन करना आसान है और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जा सकती है। मोबाइल फोन से भी पंजीकरण किया जा सकता है।
आवेदन के मुख्य चरण:
• Skill India Digital Hub या PMKVY पोर्टल पर जाएँ
• Candidate Registration पूरा करें
• कोर्स और प्रशिक्षण केंद्र का चयन करें
• प्रशिक्षण पूर्ण करें और मूल्यांकन दें
• NSQF प्रमाणपत्र प्राप्त करें
• उसके बाद नौकरी, अप्रेंटिसशिप या व्यवसाय के अवसर प्राप्त करें
कौशल विकास को सशक्त बनाने वाली अतिरिक्त योजनाएं
पीएम विश्वकर्मा योजना
- 17 सितंबर, 2023 को शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य अपने हाथों और औजारों से काम करने वाले 18 व्यवसायों के कारीगरों एवं शिल्पकारों को संपूर्ण सहायता प्रदान करना है। इस योजना के घटकों में पीएम विश्वकर्मा प्रमाणपत्र एवं पहचान पत्र के जरिए मान्यता, कौशल उन्नयन, टूलकिट प्रोत्साहन, ऋण सहायता, डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन और विपणन में सहायता शामिल हैं। पीएम विश्वकर्मा को एक केन्द्रीय क्षेत्र योजना के रूप में लागू किया जाएगा, जो भारत सरकार द्वारा पूरी तरह से वित्त पोषित होगी, जिसका प्रारंभिक परिव्यय 13,000 करोड़ रुपये होगा और यह 2027-28 तक, पांच वर्षों के लिए चलेगी।
- 13 जुलाई, 2025 तक पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत 2.7 करोड़ से अधिक आवेदन प्रस्तुत किए जा चुके हैं, जिनमें से 29 लाख से अधिक आवेदन सफलतापूर्वक पंजीकृत हो चुके हैं।
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई)
- 25 सितम्बर 2014 को शुरू की गई डीडीयू-जीकेवाई राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) का एक हिस्सा है। इसका दोहरा उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों की आय में विविधता लाना और ग्रामीण युवाओं की कैरियर संबंधी आकांक्षाओं को पूरा करना है।
- इस योजना के तहत, 65 प्रतिशत उम्मीदवारों को प्रशिक्षण पूरा करने के बाद लाभकारी रोजगार मिल चुका है। वित्तीय वर्ष 2014-15 से अब तक कुल 16,90,046 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित किया गया है और नवंबर 2024 तक 10,97,265 अभ्यर्थियों को नौकरी मिल चुकी है।
ग्रामीण स्वरोजगार एवं प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई)
- जनवरी 2009 में शुरू की गई, इस योजना में ग्रामीण युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने उद्देश्य से प्रशिक्षुओं को निरंतर प्रेरित करने हेतु उच्च-गुणवत्ता वाले आवासीय निःशुल्क प्रशिक्षण और प्रशिक्षण के बाद क्रेडिट लिंकेज के साथ अनुवर्ती कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की गई है। चूंकि आरएसईटीआई बैंक-प्रेरित संस्थान हैं, इसलिए इन्हें विशिष्ट पहचान देने के लिए संबंधित प्रायोजक बैंकों का नाम पहले से ही लगा दिया जाता है।
- 30 जून, 2025 तक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 56,69,369 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया है, जबकि वित्तीय वर्ष 2016-17 में 22,89,739 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया था।

