नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना
1: सरल और बिंदु-वार (आम किसानों और आम जनता के लिए)
अगर आप इस योजना को किसी को आसान भाषा में समझाना चाहते हैं, तो यह सबसे सही तरीका है:
- योजना का मुख्य उद्देश्य: उत्तर प्रदेश में अधिक दूध देने वाली उन्नत नस्ल की देसी गायों के पालन को बढ़ावा देना।
- कहाँ लागू है: यह योजना प्रदेश के सभी 18 मण्डल मुख्यालय वाले जिलों में चल रही है।
- कितनी गायें मिलेंगी: लाभार्थी को 25 देसी गायों की डेयरी इकाई (फार्म) खोलनी होगी। इसमें साहीवाल, गीर, थारपारकर या गंगातीरी (अधिकतम 5) गायें रखी जा सकती हैं।
- खर्च और सरकारी मदद (अनुदान/सब्सिडी):
- पूरे प्रोजेक्ट की लागत लगभग ₹61.00 लाख से ₹62.50 लाख तक आएगी।
- सरकार इस पर 50 प्रतिशत का भारी अनुदान (सब्सिडी) देगी, जो अधिकतम ₹30.50 लाख से ₹31.25 लाख तक होगा।
- इसमें लाभार्थी को खुद का सिर्फ 15 प्रतिशत पैसा लगाना होगा, जबकि 35 प्रतिशत पैसा बैंक से लोन के रूप में मिलेगा।
- सरकारी मदद कब और कैसे मिलेगी (3 चरणों में):
- पहला चरण (25%): जब आप गायों के रहने के लिए शेड और बुनियादी ढांचा (Infrasture) तैयार कर लेंगे।
- दूसरा चरण (12.5%): जब आप प्रदेश के बाहर से गायें खरीदकर अपने फार्म पर ले आएंगे।
- तीसरा चरण (12.5%): जब आपके फार्म में कम से कम 10 गायों के बछड़े/बछड़ियाँ पैदा हो जाएंगे।
- गायों को खरीदने की शर्तें:
- गायें उत्तर प्रदेश के बाहर से, यथासंभव उनके मूल स्थान (ब्रीडिंग ट्रैक्ट) से ही खरीदी जानी चाहिए।
- सभी गायों के कान में इयर टैग लगा होना और उनका बीमा (Insurance) कराना अनिवार्य है।
- खरीदी जाने वाली गाय पहली या दूसरी ब्यात (Milking Cycle) की होनी चाहिए और उसे बच्चा दिए हुए 45 दिन से अधिक नहीं होने चाहिए।
- कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता):
- आवेदक के पास गाय या भैंस पालन का कम से कम 3 वर्षों का अनुभव होना चाहिए, जिसका प्रमाण पत्र मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (CVO) द्वारा सत्यापित हो।
- पूर्व में चल रही कामधेनु, मिनी कामधेनु या माइक्रो कामधेनु योजना का लाभ ले चुके लोग इसके लिए पात्र नहीं हैं।
- जमीन की आवश्यकता: फार्म बनाने के लिए 0.5 एकड़ और हरा चारा उगाने के लिए 1.5 एकड़ (कुल 2 एकड़) जमीन होनी चाहिए। यह जमीन खुद की, पैतृक, साझेदारी की या फिर 7 साल के रजिस्टर्ड एग्रीमेंट (लीज़) पर ली गई हो, जहाँ पानी न भरता हो।
- आवेदन कैसे करें: आप ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के बाद उसकी हार्ड कॉपी अपने जिले के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) या मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (CVO) के कार्यालय में जमा करनी होगी। यदि आवेदन ज्यादा आते हैं, तो चयन ई-लॉटरी (लकी ड्रा) के जरिए किया जाएगा।
2: विज्ञापन या सोशल मीडिया के लिए (आकर्षक और संक्षिप्त)
अगर आप इस योजना का प्रचार-प्रसार करना चाहते हैं, तो इस रूप का उपयोग करें:
🚀 उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा कदम: शुरू करें अपना देसी गाय का डेयरी फार्म, मिलेगी 50% तक सब्सिडी!
क्या आपके पास पशुपालन का 3 साल का अनुभव है? यूपी सरकार दे रही है साहीवाल, गीर और थारपारकर जैसी शानदार देसी गायों का कमर्शियल फार्म खोलने का सुनहरा मौका!
- बड़ी सरकारी मदद: ₹62.50 लाख तक के प्रोजेक्ट पर 50% तक का सीधा अनुदान (₹31.25 लाख तक की भारी बचत)।
- आपका हिस्सा: सिर्फ 15% आपका पैसा, 35% बैंक का लोन और 50% सरकार का साथ।
- जमीन की जरूरत: कुल 2 एकड़ जलभराव मुक्त जमीन (0.5 एकड़ शेड के लिए + 1.5 एकड़ चारे के लिए)।
- कहाँ के लिए है: उत्तर प्रदेश के सभी 18 मण्डल मुख्यालय जनपदों के निवासियों के लिए।
📝 आवेदन की प्रक्रिया: ऑनलाइन या ऑफलाइन फॉर्म भरें और उसकी कॉपी अपने जिले के CDO या CVO ऑफिस में जमा करें। आवेदन अधिक होने पर निष्पक्ष ई-लॉटरी से विजेताओं का चुनाव होगा। आज ही लाभ उठाएं!

